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प्रश्न संख्या 4984 अन्य देशों में भारतीयों द्वारा आत्महत्या के मामले

अप्रैल 01, 2022

लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या 4984
दिनांक 01.04.2022 को उत्तर देने के लिए

अन्य देशों में भारतीयों द्वारा आत्महत्या के मामले

4984. कुंवर दानिश अली:


क्या विदेश मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्या सरकार ने वर्ष 2014 से अन्य देशों में भारतीयों द्वारा आत्महत्या के मामलों का संज्ञान लिया है;

(ख) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है;

(ग) क्या सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीयों के बीच आत्महत्या की घटनाओं के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया है;

(घ) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और

(ङ) अन्य देशों में भारतीयों द्वारा आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

उत्तर
विदेश राज्य मंत्री
(श्री वी. मुरलीधरन)

(क) और (ख) मंत्रालय के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2014 से अब तक अन्य देशों में भारतीयों द्वारा आत्महत्या के 4005 मामले सामने आए हैं। इसकी देश-वार सूची अनुबंध-IPDF file that opens in new window. To know how to open PDF file refer Help section located at bottom of the site. पर दी गई है।

(ग) और (घ) आत्महत्या की अधिकांश घटनाएं कथित तौर पर व्यक्तिगत/पारिवारिक कारणों से हुई हैं।

(ङ) विदेश मंत्रालय तथा हमारे मिशन/केंद्र भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से भारतीय श्रमिकों के कल्याण और कुशलक्षेम को उच्च प्राथमिकता देते हैं, जो प्रवासी भारतीयों का एक बड़ा हिस्सा हैं।

प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (पीबीएसके) जरूरतमंद भारतीय प्रवासियों को सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार की एक कल्याणकारी पहल है। पीबीएसके द्वारा भारतीय मिशनों/केंद्रों के सहयोग से आयोजित श्रम शिविरों के माध्यम से श्रमिकों की मृत्यु जैसे आत्महत्या, सड़क दुर्घटना आदि को रोकने के लिए मिशनों/केंद्रों द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। भारतीय अधिकारी विदेशों में भारतीयों के समक्ष आने वाली कठिनाइयों को कम करने और उनका समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम करते हैं। विदेश में किसी भी कठिनाई का सामना करने वाले भारतीय अपनी समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए भारतीय मिशनों/केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं।

विदेशों में भारतीय मिशनों/केंद्रों में तैनात कांसुलर अधिकारियों को संकटग्रस्त भारतीयों की कठिनाइयों को दूर करने का काम सौंपा जाता है। खाड़ी देशों में जहां बड़ी संख्या में भारतीय कामगार हैं, हमारे मिशनों और केंद्रों में विशेष समुदाय कल्याण विंग और श्रमिक विंग हैं। इसके अलावा, सरकार विदेशों में भारतीय नागरिकों की शिकायतों को दूर करने के लिए 'मदद' नामक एक ऑनलाइन पोर्टल संचालित करती है। मदद पोर्टल की हमारे मिशनों/केंद्रों में विभिन्न स्तरों पर नियमित रूप से निगरानी की जाती है, इस प्रकार भारतीय नागरिकों की शिकायतों को उच्च प्राथमिकता दी जाती है।

विदेश स्थित मिशनों/केंद्रों ने भी 24x7 हेल्पलाइन और टोल फ्री हेल्पलाइन स्थापित करने, भारतीय नागरिकों की समस्याओं को दूर करने के लिए एक अतिरिक्त अनौपचारिक मंच प्रदान करने के लिए ओपन हाउस सत्र आयोजित करने, भारतीय नागरिकों तक पहुंचने के लिए सामाजिक संगठनों और व्यक्तियों के साथ जुड़ने, मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण सहित स्वस्थ जीवन के लिए योग जैसी प्रथाओं आदि को बढ़ावा देने की पहल की है। मंत्रालय और मिशनों/केंद्रों के ध्यान में ट्विटर सहित सोशल मीडिया के माध्यम से लाई गई शिकायतों का भी तुरंत समाधान किया जाता है।

इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (आईसीडब्लूएफ) विदेश स्थित सभी भारतीय मिशनों/केंद्रों में स्थापित एक फंड है, जो संकट और आपातकाल के समय में योग्य भारतीयों को माली हालत के आधार पर सहायता प्रदान करता है। जब भी किसी संकटग्रस्त भारतीय नागरिक के बारे में मिशन/केंद्र को सूचित किया जाता है, तो उन्हें आश्रय, कानूनी सहायता, जहां कहीं आवश्यक हो, यात्रा दस्तावेज/हवाई टिकट जारी करने आदि सहित हर संभव सहायता प्रदान की जाती है।

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