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आतंकवाद से निबटने के लिए भारत-फ्रांस संयुक्त कार्य समूह की 15वीं बैठक में जारी संयुक्त वक्तव्य

नवम्बर 17, 2021

भारत और फ्रांस ने आज पेरिस में आतंकवाद से निपटने के लिए अपने संयुक्त कार्य समूह की 15वीं बैठक आयोजित की। इस बैठक में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आतंकवाद रोधी)श्री महावीर सिंघवी और फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्रालय में सामरिक मामलों, सुरक्षा और निरस्त्रीकरण के निदेशक श्री फिलिप बर्टौक्स ने संबंधित अंतर-एजेंसी प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के आधार के रूप में विशेष रूप से भारत-प्रशांत क्षेत्र में चल रहे आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा करने के लिए प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल थे।

2.यह बैठक ऐसे समय मे हुई है जब 13 वर्ष पहले 2008 में नवंबर में ही मुम्बई में आतंकवादी हमला हुआ था तथा छह वर्ष पहले 2015 में नवंबर माह में ही पेरिस में हमला हुआ था। इस बैठक ने जहां फ्रांस और भारत को इन आतंकवादी हमलों के ​पीड़ितों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने का अवसर दिया वहीं दोनों देशों ने इसके साथ ही सीमा पार आतंकवाद सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की स्पष्ट निंदा करने की अपनी नीति की पुष्टि की तथा वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ आम लड़ाई में एक साथ खड़े होने के अपने संकल्प को साझा किया। दोनों पक्षों ने यह सुनिश्चित किए जाने पर बल दिया कि सभी देश उनके नियंत्रण वाले क्षेत्रों का उपयोग किसी अन्य देश के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने, हमला करने, आतंकवादियों को पनाह देने या प्रशिक्षित करने के लिए नहीं करेंगे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा उत्पन्न खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और अल-कायदा और आईएसआईएस / दाएश, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए -मोहम्मद (जेईएम)और हिज़्ब-उल मुजाहिदीन आदि जैसे सभी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिसमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल था कि आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वालों को सुनियोजित तरीके और तेजी से न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाए। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक उपकरण के रूप में आतंकवादियों और ऐसे समूहों का बहिष्कार करने और आतंकी समूहों एवं व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंध की प्रक्रिया एवं प्राथमिकताओं के बारे में सूचना साझा करने के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया।

3. दोनों पक्षों ने अपने-अपने अधिकार वाले क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रीय परिवेश में आतंकवादी खतरों के पनपने के आकलन को साझा किया और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया कि अफगानिस्तान की जमीन कभी भी क्षेत्रीय या वैश्विक स्तर पर कट्टरपंथ और आतंकवाद का स्रोत नहीं बने । साथ ही इसका इस्तेमाल कभी किसी देश को धमकाने या उसपर हमला करने अथवा आतंकवादियों को शरण देने, भर्ती करने या प्रशिक्षित करने या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की प्रस्ताव संख्या 2593 (2021) के अनुसार आतंकवादी हमलों की योजना बनाने या वित्तपोषित करने के लिए नहीं किया जाए।

4. दोनों पक्षों ने आतंकवाद का मुकाबला करने तथा अवैध नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से निपटने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर विचार विमर्श किया और कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद तथा आंतकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ आतंकवादी या हिंसक चरमपंथी उद्देश्य से किए जा रहे इंटरनेट के दुरुपयोग को रोकने के बारे में जानकारी साझा करने की इच्छा व्यक्त की।

5. दोनों पक्षों ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए अपनी-अपनी समकक्ष एजेंसियों के बीच सहयोग और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

6. दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग, 2021-2022 में दो वर्षों के लिए सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता और वित्तीय कार्रवाई कार्यबल एफएटीएफ तथा इस सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने ‘आतंक के लिये कोई धन नहीं’ विषय पर भारत की ओर से आयोजित किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे संस्करण की तैयारियों में सक्रिय समन्वय की इच्छा जतायी।

7. यह तय किया गया कि आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक 2022 में पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर भारत में आयोजित की जाएगी।

पेरिस, फ्रांस
नवंबर 16,2021

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