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आतंकवाद निरोधक भारत-अमेरिका संयुक्त कार्य समूह तथा सुझाव संवाद पर जारी संयुक्त बयान

अक्तूबर 28, 2021

आंतकवाद निरोधक भारत-अमेरिका संयुक्त कार्य समूह की अठारहवीं बैठक और भारत-अमेरिका सुझाव संवाद का चौथा सत्र 26-27 अक्टूबर, 2021 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित किया गया। वार्ता में भारत के विदेश मंत्रालय में आंतकवाद निरोधक सचिव महावीर सिंघवी तथा अम​रीकी विदेश विभाग के आतंकवाद निरोधक इकाई के कार्यवाहक समन्वयक जॉन टी गॉडफ्रे ने अपने-अपने देशों के प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया। भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराते हुए दोनों पक्षों ने कानून प्रवर्तन, सूचना साझा करने, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने और आतंकवाद से उपजी चुनौतियों पर रणनीतिक ताल-मेल बढ़ाने पर सहयोग को और बढ़ाने का संकल्प लिया।

अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की जनता और सरकार के साथ एकजुट रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने आतंकवाद का परोक्ष या किसी भी रूप में इस्तेमाल किए जाने सहित सीमापार आंतकी कार्रवाईयों की कड़ी निंदा करते हुए 26/11 के मुंबई हमले के षड़यंत्रकारियों को कानून के कटघरे में लाने का आह्वान किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा प्रतिबंधित अल-कायदा, आईएसआईएस / दाएश, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश -ए-मोहम्मद (जेईएम ) जैसे समूहों सहित सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान किया।

यूएनएससी प्रस्ताव 2593 (2021) के अनुरूप दोनों पक्षों ने तालिबान से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि अफगानिस्तान की जमीन का उपयोग फिर कभी किसी देश को धमकाने या उसपर हमला करने, आतंकवादियों को शरण देने या प्रशिक्षित करने या आतंकवादी हमलों की योजना या वित्त पोषण के लिए नहीं किया जाएगा। दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान में विकास और वहां से उत्पन्न होने वाले संभावित आतंकवादी खतरों पर गहन परामर्श जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। दोनों पक्षों ने मादक पदार्थों के आतंकी नेटवर्क और अवैध हथियारों की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का मुकाबला करने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

यूएनएससी प्रस्ताव 2396 (2017) के अनुरूप दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के आवागमन को रोकने के तरीकों पर चर्चा की। वे संयुक्त रूप से आतंकवादी खतरे की जानकारी साझा करने के काम को और बढ़ाने पर भी सहमत हुए। इसके अलावा उन्होंन आतंकवादी समूहों और आंतकवादियों की पहचान करने के लिए प्राथमिकताओं और प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान भी किया।

प्रतिभागियों ने आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट के उपयोग की समस्या का मुकाबला करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया और बहुपक्षीय मंचों में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट प्रयास जारी रखने का निर्णय लिया। दोनों पक्षों ने धन शोधन रोधी अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने और सभी देशों द्वारा आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आपसी कानूनी और प्रत्यर्पण सहायता तथा ऐसे कानूनों को लागू करने के लिए द्विपक्षीय स्तर पर प्रशिक्षण की सुविधा ​ जिसमें भारत के हैदराबाद में पुलिस प्रशिक्षण केंद्रीय अकादमी भी शामिल है के अवसरों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने आतंकवाद विरोधी सहायता (एटीए) के लिए जारी प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना की।

इस संवाद में वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की अभिपुष्टि की गई।

नई दिल्ली
अक्टूबर 28, 2021

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