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14वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, बीजिंग घोषणा-पत्र

जून 23, 2022

प्रस्तावना

1. हमने अर्थात् ब्राजील के संघीय गणराज्य, रूसी संघ, भारत गणराज्य, चीन जनवादी गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के नेताओं ने दिनांक 23-24 जून 2022 को ''उच्च गुणवत्ता वाली ब्रिक्स साझेदारी को बढ़ावा देना, वैश्विक विकास हेतु एक नए युग की शुरुआत'' विषय के अंतर्गत 14वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया।

2. हमने विगत 16 वर्षों में, आपसी सम्मान एवं समझ, समानता, एकजुटता, खुलेपन, समावेशिता और साझा सहमति वाली ब्रिक्स की भावना को कायम रखते हुए, ब्रिक्स देशों द्वारा आपसी विश्वास के सुदृढ़ीकरण, इंट्रा-ब्रिक्स पारस्परिक लाभकारी सहयोग को गहरा करने, तथा लोगों-से-लोगों के बीच आदान-प्रदान का स्मरण किया, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। हम अपनी सामरिक साझेदारी को और मजबूत करने हेतु अपने साझा हितों तथा प्रमुख प्राथमिकताओं के आधार पर ब्रिक्स देशों के बीच एकजुटता और सहयोग बढ़ाने के महत्व को दोहराते हैं।

3. हम इस बात से अत्यंत प्रसन्न है कि कोविड-19 महामारी और अन्य चुनौतियों के बावजूद, ब्रिक्स देशों ने 2022 में अन्य बातों के साथ-साथ अर्थव्यवस्था, शांति व सुरक्षा, लोगों-से-लोगों के बीच आदान-प्रदान, जन स्वास्थ्य एवं सतत विकास पर अपनी बैठकों एवं गतिविधियों का आयोजन करके एकजुटता और गहन सहयोग को बढ़ाना संयुक्त रूप से जारी रखा है तथा ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग से मिलने वाले ठोस परिणामों में अपना योगदान दिया है।

4. हम ब्रिक्स आउटरीच/ब्रिक्स प्लस सहयोग सहित ब्रिक्स साझेदारी की खुली तथा समावेशी प्रकृति को दर्शाते हुए इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक विकास पर उच्च स्तरीय वार्ता का स्वागत करते हैं। हम सतत विकास हेतु 2030 एजेंडा को लागू करने पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और एकजुटता को सुदृढ़ करने के लिए संवाद को नई गति प्रदान करने को लेकर तत्पर हैं।

वैश्विक प्रशासन का सुदृढ़ीकरण और सुधार

5. हम संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में इसके अपरिहार्य आधारशिला के रूप में निहित उद्देश्यों एवं सिद्धांतों सहित अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका, जिसमें संप्रभु राज्य शांति तथा सुरक्षा बनाए रखने, सतत विकास को आगे बढ़ाने, लोकतंत्र, मानवाधिकारों और सभी के लिए मौलिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सहयोग, और आपसी सम्मान, न्याय व समानता की भावना के आधार पर सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

6. 2021 में हमारे विदेश मंत्रियों द्वारा अपनाये गए बहुपक्षीय प्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा सुधार पर ब्रिक्स के संयुक्त वक्तव्य और उसमें उल्लिखित सिद्धांतों का स्मरण करते हुए, हम इसपर सहमति व्यक्त करते हैं कि बहुपक्षीय प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा सुधारने में निम्नवत् सम्मिलित हैं:

  • वैश्विक निर्णयन की प्रक्रिया तथा संरचनाओं में विकासशील और अल्प विकसित देशों, विशेषतः अफ्रीका में, की अधिक से अधिक सार्थक भागीदारी की सुविधा के लिए वैश्विक प्रशासन के साधनों को अधिक समावेशी, प्रतिनिधि एवं भागीदारीपूर्ण बनाना तथा इसे समकालीन वास्तविकताओं के अनुरुप करना;
  • बहुपक्षीय संगठनों को अधिक उत्तरदायी, प्रभावी, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने हेतु संप्रभु स्वतंत्रता, समानता, पारस्परिक वैध हितों एवं चिंताओं का सम्मान करते हुए सभी के लाभ हेतु समावेशी परामर्श और सहयोग पर आधारित बनाना;
  • बहुपक्षीय संगठनों को अधिक उत्तरदायी, प्रभावी, पारदर्शी, लोकतांत्रिक, उद्देश्यपूर्ण, कार्रवाई-उन्मुख, समाधान-उन्मुख तथा विश्वसनीय बनाना, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों तथा सिद्धांतों, और पारस्परिक सम्मान, न्याय, समानता, पारस्परिक लाभकारी सहयोग और समकालीन दुनिया की वास्तविकताओं की भावना के आधार पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सृजन में सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके;
  • सतत विकास को बढ़ावा देने हेतु डिजिटल और तकनीकी साधनों सहित अभिनव एवं समावेशी समाधानों का उपयोग करना और सभी तक वैश्विक सार्वजनिक वस्तुओं तक सस्ती एवं समान पहुंच प्रदान करना;
  • आतंकवाद, धन शोधन, साइबर क्षेत्र, सूचना विज्ञान एवं फर्जी समाचारों से होने वाली चुनौतियों सहित नई व उभरती, पारंपरिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों से निपटने के लिए अलग-अलग देशों तथा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की क्षमताओं को मजबूत करना;
  • अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा, सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, तथा जन-केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मूल में रखकर प्रकृति का संतुलन बनाए रखना।
7. हम संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 75/1 का स्मरण करते हैं और संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख विभागों में सुधार की बात को दोहराते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पर होने वाली चर्चा को नई गति देने तथा महासभा में नई जान लाने और आर्थिक एवं सामाजिक परिषद को मजबूत करने का प्रयास जारी रखने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हम 2005 के विश्व शिखर सम्मेलन के परिणाम दस्तावेज़ का स्मरण करते हुए इसे अधिक प्रतिनिधिक, प्रभावी एवं कुशल बनाने तथा विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने की दृष्टि से संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की आवश्यकता की पुष्टि करते हैं, जिसमें इसकी सुरक्षा परिषद भी शामिल है, ताकि यह वैश्विक चुनौतियों का ठीक से मुकाबला कर सके। चीन तथा रूस ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में ब्राजील, भारत और दक्षिण अफ्रीका की स्थिति और भूमिका के महत्व को दोहराया और संयुक्त राष्ट्र में एक बड़ी भूमिका निभाने की उनकी आकांक्षा का समर्थन किया।

8. हम क्रमशः 2021-2022 और 2022-2023 हेतु संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों के रूप में भारत तथा ब्राजील की भूमिका की सराहना करते हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चार ब्रिक्स देशों के शामिल होने से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मुद्दे पर हमारी चर्चा को और बल मिलने तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रों में निरंतर सहयोग का अवसर मिलेगा, जिसमें संयुक्त राष्ट्र में हमारे स्थायी मिशन एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों के बीच नियमित आदान-प्रदान शामिल है।

9. हम सभी देशों को समानता तथा आपसी सम्मान के सिद्धांतों के अंतर्गत मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने तथा उसकी रक्षा करने में सहयोग करने की जरुरत को दोहराते हैं। हम विकास के अधिकार सहित सभी मानवाधिकारों को निष्पक्ष तथा समान तरीके से, समान स्तर पर और समान बल देते हुए मानने के लिए निरंतर सहमत हैं। हम ब्रिक्स में और संयुक्त राष्ट्र महासभा तथा मानवाधिकार परिषद सहित बहुपक्षीय मंचों पर साझा हितों के मुद्दों पर गैर-चयनात्मक, गैर-राजनीतिक और रचनात्मक तरीके से तथा बिना किसी दोहरे मानक के मानव अधिकारों के संवर्धन, संरक्षण एवं परिपूर्णता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सहयोग बढ़ाने को लेकर सहमत हैं। हम लोकतंत्र तथा मानवाधिकारों के सम्मान का आह्वान करते हैं। इस संबंध में, हम यह दोहराते हैं कि इन्हें वैश्विक प्रशासन के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू किया जाना चाहिए। हम पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के उज्जवल साझा भविष्य के उद्देश्य से सभी के लिए लोकतंत्र, मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के संवर्धन एवं संरक्षण की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

10. हम इस बात पर बल देते हैं कि सभी देशों के लिए सतत विकास सुनिश्चित करने हेतु वैश्विक आर्थिक प्रशासन महत्वपूर्ण है तथा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक निर्णयन और मानदंड-निर्धारण प्रक्रियाओं में उभरते बाजारों एवं विकासशील देशों (ईएमडीसी) की भागीदारी को बढ़ाने एवं मजबूत करने में अपना समर्थन दोहराते हैं। हम वैश्विक आर्थिक प्रशासन में जी20 की अग्रणी भूमिका के प्रति अपने समर्थन को दोहराते हैं और इस बात को रेखांकित करते हैं कि जी20 जारी रहेगा एवं मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से निपटेगा। हम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से साझेदारी को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए इस बात को रेखांकित करते हैं कि विश्व अर्थव्यवस्था को संकट से बाहर निकालने और महामारी के पश्चात् मजबूत, टिकाऊ, संतुलित तथा समावेशी आर्थिक सुधार के लिए मैक्रो-पॉलिसी समन्वय को सुदृढ़ करना जरुरी है। हम विकासशील देशों पर इसके गहरे प्रभाव से बचने हेतु प्रमुख विकसित देशों से नीतिगत स्पिलओवर का प्रबंधन करते हुए उपयुक्त आर्थिक नीतियों को अपनाने का आग्रह करते हैं।

11. हम विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मूल में निहित खुली, पारदर्शी, समावेशी, गैर-भेदभावपूर्ण एवं नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं। हम विश्व अर्थव्यवस्था को खुली हुई बनाने हेतु विश्व व्यापार संगठन में आवश्यक सुधार के लिए रचनात्मक रूप से जुड़ेंगे जो व्यापार तथा विकास का समर्थन करता हो, वैश्विक व्यापार के नियम एवं प्रशासन स्थापित करने हेतु विश्व व्यापार संगठन की प्रमुख भूमिका को संरक्षित करता हो, समावेशी विकास का समर्थन करता हो और विकासशील सदस्यों तथा एलडीसी सहित अपने सदस्यों के अधिकारों एवं हितों को बढ़ावा देता हो। हमारा मानना है कि विश्व व्यापार संगठन के नियमों में निहित विशेष एवं विभेदक व्यवहार आर्थिक विकास के संबंध में विश्व व्यापार संगठन के उद्देश्यों को हासिल करने का एक साधन है। हम विश्व व्यापार संगठन के सभी सदस्यों से ऐसे एकतरफा तथा संरक्षणवादी उपायों से बचने का आह्वान करते हैं जो विश्व व्यापार संगठन की भावना और नियमों के विपरीत हो। हम बाध्यकारी दो स्तरीय बहुपक्षीय विवाद निपटान तंत्र को बहाल करने हेतु अपीलीय निकाय के सदस्यों की चयन प्रक्रिया शुरू करने की प्राथमिकता एवं तात्कालिकता पर बल देते हैं। हम सहमत हैं कि अपीलीय निकाय के संकट को बिना किसी देरी के तुरंत हल किया जाना चाहिए तथा इसे अन्य मुद्दों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हम बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा विश्व व्यापार संगठन में सुधार पर ब्रिक्स के वक्तव्य का समर्थन करते हैं। हम एमसी12 के सफल समापन की सराहना करते हैं जो बहुपक्षवाद के मूल्य को दर्शाता है। हम विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों को अपना प्रयास जारी रखने तथा एमसी13 द्वारा आगे भी सार्थक परिणाम प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित करते हैं।

12. हम कोटा-आधारित एवं पर्याप्त संसाधन वाले आईएमएफ के साथ सुदृढ़ और प्रभावी वैश्विक वित्तीय सुरक्षा जाल बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम 15 दिसंबर 2023 तक कोटा की 16वीं सामान्य समीक्षा को समय पर तथा सफलतापूर्वक पूरा करने का आह्वान करते हैं, ताकि अस्थायी संसाधनों पर आईएमएफ की निर्भरता को कम किया जा सके, उभरते बाजारों एवं विकासशील देशों (ईएमडीसी) की व्यवस्था में उनके कम प्रतिनिधित्व की समस्या को दूर किया जा सके तथा अत्यंत निर्धन एवं छोटे सदस्यों की आवाज एवं कोटा शेयरों की रक्षा की जा सके। हम जरूरतमंद देशों का समर्थन करने हेतु मजबूत बाहरी स्थिति वाले देशों से विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) के स्वैच्छिक चैनलिंग पर हुए कार्य, साथ ही साथ लचीलापन एवं स्थिरता ट्रस्ट (आरएसटी) स्थापित करने के आईएमएफ के निर्णय का भी स्वागत करते हैं। हम आरएसटी के शीघ्र संचालन की आशा करते हैं।

13. हमने इस बात का विशेष उल्लेख करते हैं कि कोविड-19 महामारी से मानवता को गंभीर आघात पहुंचा तथा यह कई तरह की कठिनाईयों का कारण बना, असंतुलित सुधार से दुनिया भर में असमानता बढ़ा रही है, वैश्विक विकास की गति कमजोर हुई है, तथा आर्थिक अनुमान में गिरावट आई है। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वैश्विक विकास में कई व्यवधान आ गए है, जिसमें उत्तर-दक्षिण के विकास में व्यापक अंतर, रिकवरी में अंतर, पहले से मौजूद विकासात्मक संबंधी खामियां तथा तकनीकी विभाजन शामिल हैं। यह सतत विकास हेतु 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन में गंभीर चुनौती पेश कर रहा है क्योंकि आर्थिक स्थिति प्रभावित होने के कारण, विशेषतः ईएमडीसी के लिए, इसके मौजूदा महामारी के बाद भी बने रहने का अनुमान है। हम विकासशील देशों पर इसके गहरे प्रभाव से बचने हेतु प्रमुख विकसित देशों से नीतिगत स्पिलओवर का प्रबंधन करते हुए उपयुक्त आर्थिक नीतियों को अपनाने का आग्रह करते हैं। हम बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को आर्थिक नीतियों पर वैश्विक सहमति बनाने तथा आर्थिक व्यवधान और वित्तीय अंतर के प्रणालीगत जोखिमों को रोकने में रचनात्मक भूमिका निभाने हेतु प्रोत्साहित करते हैं। हम सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा को हासिल करने की दिशा में तेजी से बढ़ने के लिए कार्रवाई का स्वागत करते हैं।

कोविड-19 का मुकाबला करने हेतु एकजुटता से काम करना

14. हम इस बात को दोहराते हैं कि विभिन्न देशों, विशेषतः विकासशील देशों के लोगों के लिए सुरक्षित, प्रभावी, सुलभ एवं किफायती निदान, दवाओं, टीकों तथा आवश्यक चिकित्सा उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना एवं विश्व स्तर पर टीकाकरण में मौजूद अंतर को दूर करने के लिए टीकों का समान वितरण तथा शीघ्र टीकाकरण सुनिश्चित करना अनिवार्य है। हम महामारी से निपटने में डब्ल्यूएचओ की अग्रणी भूमिका, साथ ही कोवैक्स एवं एसीटी-ए जैसी पहलों की शुरुआत करने हेतु उनका समर्थन करते हैं। हम प्रासंगिक आईपी छूट प्रस्तावों के साथ-साथ, विशेषतः विकासशील देशों में क्षमता निर्माण और टीकों तथा अन्य स्वास्थ्य उपकरणों के स्थानीय उत्पादन को मजबूत करने को लेकर विश्व व्यापार संगठन में चर्चा के महत्व को समझते हैं। हम टेस्ट की विधियों, चिकित्सीय, अनुसंधान, उत्पादन और टीकों की मान्यता, कोविड-19 वायरस के नए प्रारूपों को ध्यान में रखते हुए उनकी प्रभावकारिता और सुरक्षा पर अनुसंधान और विशेषतः अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए कोविड-19 के टीकाकरण एवं संबंधित टेस्टिंग के राष्ट्रीय दस्तावेज की मान्यता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हैं।

15. हम बहुपक्षवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं तथा संयुक्त राष्ट्र से संबंधित अन्य एजेंसियों के कामों का समर्थन करते हुए, वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाने हेतु विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का समर्थन जारी रखते हैं। ब्रिक्स देश प्रमुख जन स्वास्थ्य की आपात स्थितियों, यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी), वैक्सीन अनुसंधान एवं विकास, रोकथाम और चिकित्सीय स्वास्थ्य देखभाल और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों के क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तकनीकी बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करेंगे। हम ब्रिक्स स्वास्थ्य संस्थानों के बीच घनिष्ठ सहयोग संबंध स्थापित करके तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में संयुक्त सहयोगी परियोजनाओं के अवसर तलाशकर मौजूदा सहयोग को गहरा करने पर सहमत हैं।

16. हम पारंपरिक चिकित्सा पर ब्रिक्स उच्च स्तरीय फोरम के आयोजन का स्वागत करते हैं।

17. हम इस बात पर बल देते हैं कि ब्रिक्स देशों को कोविड-19 तथा इसके बाद आने वाली जन स्वास्थ्य की आपात स्थितियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहना चाहिए, एवं जन स्वास्थ्य आपातकालीन अलर्ट, महामारी की रोकथाम की तत्परता एवं प्रतिक्रिया, तथा चिकित्सा की अच्छी विधियों पर आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ाना चाहिए। हम ब्रिक्स वैक्सीन अनुसंधान एवं विकास केंद्र के वर्चुअल लॉन्च का स्वागत करते हैं और "वैक्सीन सहयोग को सुदृढ़ करने की पहल और संयुक्त रूप से महामारी के खिलाफ रक्षात्मक रेखा के सृजन" की सराहना करते हैं। हम संक्रामक रोग नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु क्षमता उन्नत केंद्र में अन्य देशों, विशेषतः ईएमडीसी की भागीदारी का स्वागत करते हैं। हम अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों (2005) तथा डब्ल्यूएचओ के वैश्विक प्रकोप चेतावनी और प्रतिक्रिया नेटवर्क के अनुसार बड़े पैमाने के संक्रामक रोगों के जोखिमों को रोकने हेतु ब्रिक्स एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की स्थापना की तत्काल आवश्यकता का समर्थन तथा बल देते हैं, और इस बात पर भी बल देते हैं कि ब्रिक्स देशों को संक्रामक रोगों के सीमा पार संचरण के जोखिम को रोकने और कम करने हेतु मिलकर सक्रिय और प्रभावी उपाय करने चाहिए और वैश्विक स्वास्थ्य में सुधार हेतु योगदान देना चाहिए।

18. हम ब्रिक्स टीबी रिसर्च नेटवर्क मीटिंग्स को जारी रखने का समर्थन करते हैं, जो 2030 तक टीबी के उन्मूलन के डब्ल्यूएचओ के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देगा। हम अपने दवा नियामक प्राधिकरणों के बीच इंसानी उपयोग हेतु चिकित्सा उत्पादों के विनियमन के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर शीघ्र हस्ताक्षर करने का समर्थन करते हैं तथा 2022 की दूसरी छमाही में जनसंख्या विकास में अधिकारियों और विशेषज्ञों के ब्रिक्स संगोष्ठी के आयोजन का स्वागत करते हैं।

19. हम अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों तथा अन्य परोपकारी लोगों से अफ्रीका सहित अन्य विकासशील देशों के वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन एवं बूस्टर खरीदने का आह्वान करते हैं, ताकि विकसित की जा रही विनिर्माण क्षमताओं को बरकरार रखा जा सके। उभरते हुए नए वैरिएंट तथा महामारी सहित किसी भी भावी स्वास्थ्य आपात स्थिति के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को लचीला बनाना एवं तैयारी करना महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में चिकित्सा के गुणवत्ता और किफायती उपायों को अपनाने तथा निगरानी क्षमताओं विकसित करने हेतु निदान और चिकित्साविधान तक पहुंच आवश्यक है।

शांति एवं सुरक्षा की रक्षा

20. हम 19 मई 2022 को हमारे विदेश मंत्रियों, और 15 जून 2022 को आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा पर उच्च प्रतिनिधियों की 12वीं बैठक में अपनाए गए "ब्रिक्स एकजुटता एवं सहयोग का सुदृढ़ीकरण, अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में उभरती नई विशेषता एवं चुनौतियों का जवाब" पर ब्रिक्स के संयुक्त वक्तव्य का स्वागत करते हैं तथा विभिन्न रणनीतिक मुद्दों पर हुई उपयोगी चर्चा की सराहना करते हैं।

21. हम सभी राज्यों की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने हेतु प्रतिबद्ध हैं, बातचीत व परामर्श के ज़रिए देशों के बीच आपसी मतभेदों और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की अपनी प्रतिबद्धता पर बल देते हैं, तथा संकट के शांतिपूर्ण समाधान हेतु किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करते हैं।

22. हमने यूक्रेन की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है तथा विभिन्न मंचों, अर्थात् यूएनएससी तथा यूएनजीए में जाहिर की गई अपने देश की स्थिति का जिक्र किया है। हम रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता का समर्थन करते हैं। हमने यूक्रेन तथा वहां ऊभरी मानवीय स्थिति पर भी चर्चा की है और संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 46/182 में स्थापित मानवता, तटस्थता एवं निष्पक्षता के मूल सिद्धांतों के अनुसार मानवीय सहायता प्रदान करने के संयुक्त राष्ट्र महासचिव, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों एवं आईसीआरसी के प्रयासों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।

23. हम अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय एकता का सम्मान करते हुए तथा इसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किए बिना शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं स्थिर अफगानिस्तान का पुरजोर समर्थन करते हैं। हम सभी दलों को बातचीत के ज़रिए सुलह करने हेतु अफगानिस्तान के अधिकारियों को प्रोत्साहित करने तथा एक व्यापक-आधारित और समावेशी व प्रतिनिधि राजनीतिक संरचना स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हैं। हम यूएनएससी के प्रासंगिक प्रस्तावों के महत्व की पुष्टि करते हैं। हम इस बात पर भी बल देते हैं कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल किसी देश को धमकाने या हमला करने या आतंकवादियों को पनाह देने या प्रशिक्षित करने या आतंकवादी कृत्यों को वित्तपोषित करने की योजना के लिए नहीं किया जाना चाहिए, तथा अफगानिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने के महत्व को दोहराते हैं। हम अफगानिस्तान के अधिकारियों से अफगानिस्तान को नशीली दवाओं के संकट से मुक्त करने हेतु नशीली दवाओं से संबंधित अपराध का मुकाबला करने की दिशा में काम करने का आह्वान करते हैं। हम अफगानिस्तान के लोगों को तत्काल मानवीय सहायता प्रदान करने और महिलाओं, बच्चों व विभिन्न जातीय समूहों सहित अफगानिस्तान के सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता पर बल देते हैं।

24. हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार शांतिपूर्ण एवं राजनयिक माध्यमों से ईरानी परमाणु मुद्दे को हल करने की आवश्यकता को दोहराते हैं, और अंतर्राष्ट्रीय अप्रसार के साथ-साथ शांति एवं स्थिरता के लिए जेसीपीओए और यूएनएससीआर 2231 को संरक्षित करने के महत्व पर बल देते हैं और जेसीपीओए को पुनः शुरू करने की दिशा में राजनयिक प्रयास सफल होंगे इसकी उम्मीद करते हैं।

25. हम कोरियाई प्रायद्वीप से संबंधित सभी मुद्दों को हल करने हेतु द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हैं, जिसमें इसके पूर्ण परमाणु मुक्त करना, तथा पूर्वोत्तर एशिया में शांति व स्थिरता बनाए रखना शामिल है। हम मौजूदा स्थिति के शांतिपूर्ण, राजनयिक और राजनीतिक हल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

26. हम मध्य पूर्व एवं उत्तरी अफ्रीका में शांति तथा समृद्धि की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम इस क्षेत्र में मौजूद विकास तथा सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के महत्व पर बल देते हैं। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस क्षेत्र में स्थिरता और शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करने का आह्वान करते हैं।

27. हम क्षेत्रीय चुनौतियों को दूर करने हेतु अफ्रीकी देशों, अफ्रीकी संघ (एयू) और उप-क्षेत्रीय संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हैं, जिसमें शांति व सुरक्षा बनाए रखना, संघर्ष के बाद पुनर्निर्माण के साथ-साथ विकास के प्रयास शामिल हैं, तथा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा उन्हें निरंतर समर्थन देने का आह्वान करते हैं। हम यूएन चार्टर के अनुसार एयू व यूएन के सहयोग पर जोर देते हैं।

28. हम हथियार नियंत्रण, निरस्त्रीकरण एवं अप्रसार संधि तथा समझौतों के तंत्र को मजबूत करने तथा वैश्विक स्थिरता व अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में इसकी अखंडता को बनाए रखने के सतत प्रयासों का आह्वान करते हैं, और प्रासंगिक बहुपक्षीय साधनों की प्रभावशीलता तथा दक्षता के साथ-साथ सर्वसम्मति-आधारित प्रकृति को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हैं।

29. हम हथियारों के नियंत्रण, निरस्त्रीकरण एवं अप्रसार प्रणाली को मजबूत करने का आह्वान करते हैं, जिसमें बैक्टीरियोलॉजिकल (जैविक) तथा विषाक्त हथियारों का विकास, उत्पादन एवं भंडारण के निषेध एवं उनके विनाश पर सम्मेलन (बीटीडब्ल्यूसी) और रासायनिक हथियारों के विकास, उत्पादन, भंडारण और उपयोग के निषेध एवं उनके विनाश पर सम्मेलन (सीडब्ल्यूसी), और वैश्विक स्थिरता एवं अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखने हेतु उनकी अखंडता और प्रभावशीलता को बनाए रखना शामिल है। हम बीटीडब्ल्यूसी का पालन करने और उसे मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ कुशल सत्यापन तंत्र प्रदान करने वाले कन्वेंशन हेतु कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रोटोकॉल को अपनाना शामिल है। हम कानूनी रूप से बाध्यकारी बहुपक्षीय साधन को अपनाने हेतु बातचीत के ज़रिए बाहरी अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता और बाहरी अंतरिक्ष में हथियारों की अंधाधुंध दौड़ (पीएआरओएस) और इसके शस्त्रीकरण की रोकथाम को सुनिश्चित करने के लिए अपने समर्थन पर पुनः जोर देते हैं। हम 2014 में निरस्त्रीकरण पर सम्मेलन में प्रस्तुत बाहरी अंतरिक्ष में हथियार तैनात करने पर रोकथाम, बाहरी अंतरिक्ष की वस्तुओं के खिलाफ बल के उपयोग (पीपीडब्ल्यूटी) पर अद्यतन मसौदा संधि के महत्व को समझते हैं। हम इस बात पर बल देते हैं कि व्यावहारिक पारदर्शिता एवं विश्वास-निर्माण के उपाय (टीसीबीएम), भी पीएआरओएस में योगदान कर सकते हैं।

30. हम परमाणु हथियारों से मुक्त विश्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं तथा निरस्त्रीकरण सम्मेलन के 2022 के सत्र के दौरान परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता और इस विषय पर काम करने पर अपना समर्थन व्यक्त करते हैं। हम 3 जनवरी 2022 को परमाणु युद्ध की रोकथाम एवं हथियारों की दौड़ से बचने पर चीन जनवादी गणराज्य, फ्रांसीसी गणराज्य, रूसी संघ, ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेताओं के संयुक्त वक्तव्य का संज्ञान लेते हैं, विशेषतः इस बात की पुष्टि कि परमाणु युद्ध जीता नहीं जा सकता है और इसे कभी नहीं लड़ा जाना चाहिए।

31. हम आईसीटी-परिवेश को खुला, सुरक्षित, स्थिर, सुलभ व शांतिपूर्ण बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, तथा आईसीटी व इंटरनेट के उपयोग में आम समझ बढ़ाने तथा सहयोग बढ़ाने के महत्व को रेखांकित करते हैं। हम आईसीटी-सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रचनात्मक वार्ता को बढ़ावा देने में संयुक्त राष्ट्र की अग्रणी भूमिका का समर्थन करते हैं, जिसमें आईसीटी 2021-2025 की सुरक्षा एवं उपयोग में संयुक्त नेशनल ओपन-एंडेड वर्किंग ग्रुप के भीतर व इस दायरे में सार्वभौमिक कानूनी ढांचा विकसित करना शामिल है। हम आईसीटी उत्पादों तथा प्रणालियों के विकास और सुरक्षा हेतु एक व्यापक, संतुलित, निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हैं। हम आईसीटी के उपयोग में सुरक्षा के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग का कानूनी ढांचा स्थापित करने के महत्व को रेखांकित करते हैं। हम आईसीटी के उपयोग में सुरक्षा तथा आईसीटी के उपयोग में सुरक्षा पर ब्रिक्स कार्य समूह की गतिविधियों पर व्यावहारिक सहयोग के ब्रिक्स रोडमैप के कार्यान्वयन के ज़रिए इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने की आवश्यकता को भी स्वीकार करते हैं।

32. हम विकास एवं संवृद्धि हेतु आईसीटी की विशेष क्षमता पर बल देते हुए, इससे उन नई संभावनाओं को भी समझते हैं जो आपराधिक गतिविधियों तथा खतरों से जुड़ी हैं, तथा आईसीटी के आपराधिक दुरुपयोग के बढ़ते स्तर एवं जटिलता पर चिंता व्यक्त करते हैं। हम अपराध में आईसीटी के उपयोग का मुकाबला करने हेतु एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों की संयुक्त राष्ट्र ओपन-एंडेड एड हॉक कमेटी द्वारा किए जा रहे काम का स्वागत करते हैं और संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 75/282 द्वारा अपनाए गए जनादेश के कार्यान्वयन में सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

33. हम आतंकवाद के सभी प्रारूपों एवं अभिव्यक्तियों, चाहे यह जब भी हो, कहीं भी हो तथा किसी के द्वारा भी किया गया हो, की कड़ी निंदा करते हैं। हम आतंकवाद से उत्‍पन्‍न खतरे, आतंकवाद से उपजे उग्रवाद व कट्टरता के खतरे को स्‍वीकार करते हैं। हम आतंकवाद के सभी प्ररूपों तथा अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने हेतु प्रतिबद्ध हैं, जिसमें आतंकवादियों के सीमा पार आवागमन, तथा आतंकवाद के वित्तपोषण नेटवर्क व सुरक्षित पनाहगाह शामिल हैं। हम दोहराते हैं कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हम अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेषतः संयुक्त राष्ट्र के चार्टर एवं मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए आतंकवाद के खतरे को रोकने और उसका मुकाबला करने के वैश्विक प्रयासों में आगे भी योगदान करने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हैं, और इस बात पर बल देते हैं कि संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर आतंकवाद का मुकाबला करना राज्यों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जो इस क्षेत्र में केंद्रीय एवं समन्वयकारी भूमिका निभा रहा है। हम आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक व्यापक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी बल देते हैं, जो वर्तमान में महामारी के माहौल में एक गंभीर खतरा पैदा करता है। हम आतंकवाद एवं कट्टरवाद का मुकाबला करने में दोहरे मानकों की निंदा करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने और अपनाने तथा निरस्त्रीकरण सम्मेलन में रासायनिक एवं जैविक आतंकवाद के दमन हेतु एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बहुपक्षीय वार्ता शुरू करने का आह्वान करते हैं। हम सातवीं ब्रिक्स आतंकवाद रोधी कार्य समूह की बैठक और इसकी पांच उपसमूह बैठकों के परिणामों का स्वागत करते हैं। हम आतंकवाद तथा आतंकवादियों के वित्तपोषण से संबंधित वित्तीय प्रतिबंधों पर संगोष्ठी की मेजबानी के लिये अध्यक्ष की सराहना करते हैं, और विकासशील देशों में आतंकवाद-रोधी क्षमता निर्माण को मजबूत करने एवं ब्रिक्स पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम पर संगोष्ठी के आयोजन को लेकर तत्पर हैं। हम आतंकवाद-रोधी सहयोग को और गहन करने की भी उम्मीद करते हैं।

34. हम आतंकवाद-रोधी सहयोग को और गहरा करने को लेकर तत्पर हैं तथा इससे जुड़े प्रतिबंधों को लागू करने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एकमात्र अधिकार की पुष्टि करते हैं तथा साक्ष्य-आधारित मानदंडों पर निष्पक्ष रूप से प्रस्तावों को सूचीबद्ध करने सहित उनकी किसी भी कार्यवाही के राजनीतिकरण से बचते हुए, उनकी प्रभावशीलता, जवाबदेही तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समितियों के काम करने के तरीकों को और समेकित व मजबूत करने का आह्वान करते हैं।

35. हम भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। अपने-अपने देशों की कानूनी प्रणालियों का सम्मान करते हुए, हम भ्रष्टाचार रोधी कानून लागू करने से संबंधित मुद्दों पर अपने अनुभव साझा करने तथा सहयोग को मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं, जिसमें आर्थिक भ्रष्टाचार से जुड़े अपराधियों की तलाश, नागरिक और प्रशासनिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता एवं संपत्ति की वसूली शामिल है। हम भ्रष्टाचार को सुरक्षित पनाहगाह की अस्वीकृति से संबंधी ब्रिक्स पहल का स्वागत करते हैं। हम शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ज़रिए भ्रष्टाचार रोधी क्षमता को और मजबूत करेंगे और बहुपक्षीय ढांचे के अंतर्गत भ्रष्टाचार रोधी आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ाएंगे। हम पहली ब्रिक्स भ्रष्टाचार रोधी मंत्रिस्तरीय बैठक का स्वागत करते हैं।

36. हम दुनिया में नशीली दवाओं की गंभीर स्थिति को लेकर चिंतित हैं और तीन संयुक्त राष्ट्र औषधि नियंत्रण सम्मेलनों तथा विभिन्न राजनीतिक प्रतिबद्धताओं पर आधारित मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दवा नियंत्रण तंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम नशीली दवाओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का मुकाबला करने और ग्लोबल ड्रग गवर्नेंस को बढ़ावा देने में ब्रिक्स एंटी-ड्रग वर्किंग ग्रुप की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हैं और हम ड्रग कंट्रोल सहयोग को और मजबूत करेंगे।

आर्थिक सुधार का संवर्धन

37. हम वैश्विक सुधार और सतत विकास में विश्व अर्थव्यवस्था के सामने आने वाले जोखिमों तथा चुनौतियों से निपटने हेतु साथ मिलकर काम करने वाले ब्रिक्स देशों की भूमिका को पहचानते हैं। हम मैक्रो-इकोनॉमिक पॉलिसी कोऑर्डिनेशन बढ़ाने, आर्थिक व्यावहारिक सहयोग को सुदृढ़ करने और मजबूत, टिकाऊ, संतुलित व समावेशी पोस्ट-कोविड आर्थिक सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम सभी मंत्रिस्तरीय वार्ता एवं कार्य समूहों में ब्रिक्स आर्थिक भागीदारी 2025 के लिए रणनीति के निरंतर कार्यान्वयन के महत्व पर जोर देते हैं।

38. हम कोविड-19 के प्रभाव को कम करने और वैश्विक आर्थिक सुधार में डिजिटल अर्थव्यवस्था की गतिशीलता को पहचानते हैं। हम सतत विकास, राष्ट्रीय व क्षेत्रीय औद्योगीकरण, सतत उपभोग तथा उत्पादन स्वरूपों की ओर परिवर्तन को बढ़ावा देने में व्यापार और निवेश की सकारात्मक भूमिका को भी स्वीकार करते हैं। हम चीन द्वारा "बॉय ब्रिक्स" ऑनलाइन प्रचार कार्यक्रम की मेजबानी का संज्ञान लेते हैं और ब्रिक्स डिजिटल इकोनॉमी पार्टनरशिप फ्रेमवर्क, सतत विकास हेतु व्यापार व निवेश पर ब्रिक्स पहल और आपूर्ति श्रृंखला पर सहयोग बढ़ाने पर ब्रिक्स पहल का समर्थन करते हैं। हम डिजिटल युग में व्यापार एवं निवेश के सामने आने वाली चुनौतियों को पहचानते हैं और स्वीकार करते हैं कि ब्रिक्स सदस्य डिजिटल विकास के विभिन्न स्तरों पर हैं, तथा ऐसे में डिजिटल विभाजन सहित संबंधित चुनौतियों का समाधान करने की आवश्यकता को पहचानते हैं। हम ई-कॉमर्स वर्किंग ग्रुप को अपग्रेड करके डिजिटल इकोनॉमी वर्किंग ग्रुप की स्थापना का स्वागत करते हैं। हम ई-कॉमर्स में उपभोक्ता संरक्षण के लिए ब्रिक्स फ्रेमवर्क के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाकर ई-कॉमर्स में उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु भी सहमत हैं। हम इस बात की पुनः पुष्टि करते हैं कि वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय उत्पादन व आपूर्ति श्रृंखलाओं का खुलापन, दक्षता, स्थिरता, पारदर्शिता, विश्वसनीयता और लचीलापन कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने, आर्थिक सुधार की चुनौतियों से निपटने और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार तथा निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं। हम ब्रिक्स देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं के परस्पर संपर्क को बढ़ाने और व्यापार व निवेश को बढ़ावा देने हेतु सहयोग को प्रोत्साहन देते हैं। हम सेवाओं के व्यापार में आदान-प्रदान तथा सहयोग को मजबूत करने और ब्रिक्स के राष्ट्रीय केन्द्र बिन्दुओं के जुड़ाव को मजबूत करने हेतु सहमत हैं, जैसा कि ब्रिक्स व्यापार परिषद के साथ सेवाओं के व्यापार पर सहयोग हेतु ब्रिक्स फ्रेमवर्क में इस उद्देश्य से स्थापित है कि सेवाओं के व्यापार पर ब्रिक्स सहयोग रोडमैप के कार्यान्वयन और व्यावसायिक सेवाओं के व्यापार में सहयोग के लिए ब्रिक्स फ्रेमवर्क सहित प्रासंगिक दस्तावेजों को बढ़ावा मिले। हम ब्रिक्स के सेवा में व्यापार नेटवर्क (बीटीएसएन) की स्थापना हेतु अध्यक्ष के प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हैं और इस पर चर्चा जारी रखेंगे।

39. हम न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) को शंघाई में अपना स्थायी मुख्यालय भवन स्थानांतरित करने के साथ-साथ भारत में एनडीबी का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने पर बधाई देते हैं। हम एनडीबी में चार नए सदस्यों को शामिल करने के निर्णय का स्वागत करते हैं और भौगोलिक प्रतिनिधित्व और विकसित एवं विकासशील दोनों देशों को शामिल करते हुए, एनडीबी के अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव तथा वैश्विक प्रशासन में ईएमडीसी का प्रतिनिधित्व और आवाज को बढ़ाने के लिये क्रमिक व संतुलित तरीके से सदस्यता बढ़ाने की अपेक्षा करते हैं। हम उच्चतम क्रेडिट रेटिंग तथा संस्थागत विकास के एनडीबी के लक्ष्यों का समर्थन करते हैं। हम महामारी के प्रभाव को दूर करने और सदस्य देशों में आर्थिक सुधार में सहायता करने में एनडीबी की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हैं। हम बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा अपनी वार्षिक बैठक में अनुमोदित दूसरी सामान्य रणनीति का संज्ञान देते हैं और इसके सुचारू कार्यान्वयन की आशा करते हैं। हम बैंक को सदस्य के नेतृत्व वाले तथा मांग-संचालित सिद्धांत का पालन करने, विविध स्रोतों से वित्तपोषण जुटाने, नवोन्मेष व ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ाने, सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में सदस्य देशों की सहायता करने और अपने जनादेश को पूरा करने हेतु दक्षता एवं प्रभावशीलता में और सुधार करने तथा एक प्रमुख बहुपक्षीय विकास संस्थान बनने के लक्ष्य हेतु प्रोत्साहित करते हैं।

40. हम वित्तपोषण हेतु ब्रिक्स थिंक टैंक नेटवर्क स्थापित करने के निर्णय का स्वागत करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह जरुरत होने पर वैश्विक चुनौतियों का हल करने तथा ईएमडीसी के हितों की सेवा के उद्देश्य से ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान साझा करने, अनुभवों व प्रथाओं के आदान-प्रदान और वित्त मुद्दों पर सहयोग हेतु मुक्त रूप से कार्य करेगा तथा बौद्धिक समर्थन प्रदान करेगा।

41. हम सतत विकास को सुगम बनाने में बुनियादी ढांचे के निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हैं। हम समझते हैं कि पीपीपी बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु निजी क्षेत्र का इस्तेमाल एक प्रभावी दृष्टिकोण है। हम सतत विकास हेतु सार्वजनिक निजी भागीदारी पर तकनीकी रिपोर्ट का समर्थन करते हैं। हम अच्छी प्रथाओं तथा अनुभवों के आदान-प्रदान का स्वागत करते हैं, और बुनियादी ढांचे के निवेश और पीपीपी पर सहयोग को प्रोत्साहित करते हैं। हम बुनियादी ढांचा निवेश परियोजनाओं पर एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पीपीपी व बुनियादी ढांचे पर एनडीबी और ब्रिक्स टास्क फोर्स के साथ तकनीकी जुड़ाव पुनः शुरू करने को तत्पर हैं और इस क्षेत्र में काम को गति देने का आह्वान करते हैं।

42. हम आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था (सीआरए) तंत्र को मजबूत करने के महत्व को स्वीकार करते हैं, जो वैश्विक वित्तीय सुरक्षा जाल को मजबूत करने में योगदान देता है और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक तथा वित्तीय व्यवस्था की पूर्ति करता है। हम सीआरए संधि में किए गए संशोधन का समर्थन करते हैं, और अन्य प्रासंगिक सीआरए दस्तावेजों में संशोधन में प्रगति का स्वागत करते हैं। हम उन संशोधनों को अंतिम रूप देने की अपेक्षा करते हैं जिससे सीआरए तंत्र में लचीलेपन और जवाबदेही बढ़ेगी। हम 2022 के अंत में चलाए जाने वाले पांचवें सीआरए परीक्षण के सफल समापन की आशा करते हैं। हम सीआरए तथा आईएमएफ के बीच समन्वय हेतु ढांचे में सुधार के काम का समर्थन करते हैं। हम अपने सुव्यवस्थित सीआरए अनुसंधान कार्यक्रम के हिस्से के रूप में ब्रिक्स आर्थिक बुलेटिन 2022 को विकसित करने में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं।

43. हम वित्तीय क्षेत्र में सूचना सुरक्षा, और अनुभव एवं ज्ञान के आदान-प्रदान हेतु ब्रिक्स पेमेंट टॉस्क फोर्स (बीपीटीएफ) सहित काम की मौजूदा प्रणाली के तहत सतत कार्य के महत्व को रेखांकित करते हैं, तथा भुगतान ट्रैक पर केंद्रीय बैंकों के और सहयोग का स्वागत करते हैं।

44. हम नई औद्योगिक क्रांति पर ब्रिक्स साझेदारी (पार्टएनआईआर) को गति देने तथा सामूहिक रूप से विकास के नए अवसर सृजित करने में इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। हम ब्रिक्स औद्योगिक क्षमता केंद्र, ब्रिक्स पार्टएनआईआर इनोवेशन सेंटर (बीपीआईसी), ब्रिक्स स्टार्ट-अप इवेंट्स और अन्य प्रासंगिक ब्रिक्स तंत्रों के साथ सहयोग के ज़रिए मानव संसाधन विकास में इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग को प्रोत्साहित करते हैं, ताकि समावेशी एवं सतत औद्योगीकरण हेतु एनआईआर की चुनौतियों का समाधान करने में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा सके। हम बाजार संचालित सिद्धांतों के आधार पर न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ सहयोग के अवसर तलाशने के लिए ब्रिक्स पार्टएनआईआर परियोजनाओं का समर्थन करते हैं। हम ब्रिक्स इनोवेशन लॉन्चपैड और ब्रिक्स स्टार्टअप फोरम मीटिंग सहित ब्रिक्स स्टार्टअप इवेंट्स के महत्व को पहचानते हैं, जिसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों में स्टार्टअप्स के बीच नेटवर्किंग, इंटरेक्शन, मेंटरशिप को बढ़ावा देना है। हम बीपीआईसी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों का स्वागत करते हैं जिसमें पार्टएनआईआर पर चौथा ब्रिक्स फोरम, ब्रिक्स औद्योगिक नवोन्मेष प्रतियोगिता 2022 और बीपीआईसी प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य पार्टएनआईआर के विज़न को सभी ब्रिक्स सदस्यों के लिए वास्तविक कार्य एवं लाभों में बदलाना है। हम औद्योगिक इंटरनेट एवं डिजिटल विनिर्माण के विकास पर ब्रिक्स फोरम का स्वागत करते हैं, जिसमें ब्रिक्स देशों की सरकारों, उद्योग एवं शिक्षाविदों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और डिजिटल विनिर्माण के विकास पर चर्चा की। हम विनिर्माण के डिजिटलीकरण पर सहयोग हेतु ब्रिक्स पहल के शुरु होने का भी स्वागत करते हैं।

45. हम एसटीआई पर ब्रिक्स सहयोग में हुई प्रगति को स्वीकार करते हैं, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी एसटीआई हल तलाशने के उद्देश्य से प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर ब्रिक्स एसटीआई संचालन समिति के परिणाम शामिल हैं। हम बहुकेन्द्रीय ब्रिक्स तकनीकी हस्तांतरण केंद्र नेटवर्क, आईब्रिक्स नेटवर्क, प्रमुख परियोजनाओं सहित संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक मंच तथा युवा नवोन्मेष पुरस्कार के प्रस्तावों पर आगे काम करने को प्रोत्साहन देते हैं।

46. हम डिजिटल ब्रिक्स टास्क फोर्स (डीबीटीएफ) के विचारार्थ विषय को अपनाने तथा 2022 में डिजिटल ब्रिक्स फोरम आयोजित करने के निर्णय सहित आईसीटी के क्षेत्र में सहयोग पर प्रगति की सराहना करते हैं। हम ब्रिक्स इंस्टीट्यूट ऑफ फ्यूचर नेटवर्क्स और डीबीटीएफ को जल्द से जल्द उपयुक्त कार्य योजना बनाने, और अनुसंधान एवं विकास और नई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग पर सहयोग हेतु प्रोत्साहित करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि जुलाई 2022 में ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक उपयोगी तथा उत्पादक होगी। हम डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्य समूह और आईसीटी सहयोग पर कार्य समूह के साथ-साथ इसके अंतर्गत स्थापित वर्कस्ट्रीम, अर्थात् डीबीटीएफ तथा बीआईएफएन, के बीच संबंधित लाभों के अनुसार एवं संबंधित घरेलू कानूनी ढांचे के भीतर ब्रिक्स डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने हेतु किसी भी दोहराव से बचने के लिये व्यावहारिक रूप में समन्वय और बातचीत का समर्थन करते हैं।

47. हम सीमा शुल्क संबंधी मामलों में सहयोग और पारस्परिक प्रशासनिक सहायता पर ब्रिक्स देशों की सरकारों के बीच समझौते तथा पारस्परिक प्रशासनिक सहायता, क्षमता निर्माण और कानून प्रवर्तन सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति के लिये हमारे सीमा शुल्क अधिकारियों की सराहना करते हैं। हम ब्रिक्स सीमा शुल्क प्रवर्तन सहयोग के महत्व को समझते हैं तथा इसे और मजबूत करने हेतु मिलकर काम करेंगे। हम स्मार्ट सहयोग और स्मार्ट प्रैक्टिस साझा करने हेतु सीमा शुल्क रणनीति और क्षमता निर्माण पर ब्रिक्स कार्यशाला एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन सहयोग पर ब्रिक्स कार्यशाला आयोजित करने साथ ही "ब्रिक्स सीमा शुल्क क्षेत्रों के बीच उच्च गुणवत्ता वाली साझेदारी हेतु स्मार्ट सहयोग" विषय के तहत सीमा शुल्क में साझेदारी को बढ़ावा देने हेतु भी अपने सीमा शुल्क अधिकारियों का समर्थन करते हैं।

48. हम सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में ऊर्जा सुरक्षा की मौलिक भूमिका पर बल देते हैं। यह समझते हुए कि प्रत्येक देश का ऊर्जा संक्रमण उसके देश की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग है, हम सतत विकास लक्ष्य 7 के अनुरूप सस्ती, विश्वसनीय, टिकाऊ तथा आधुनिक ऊर्जा तक सार्वभौमिक पहुंच हासिल करने के प्रमुख महत्व को रेखांकित करते हैं। हम ब्रिक्स ऊर्जा रिपोर्ट 2022 का स्वागत करते हैं, ब्रिक्स ऊर्जा अनुसंधान सहयोग मंच के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान तथा तकनीकी सहयोग का समर्थन करते हैं, और ब्रिक्स युवा ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं अन्य संबंधित गतिविधियों के आयोजन की सराहना करते हैं।

49. हम ब्रिक्स इंटरबैंक सहयोग तंत्र को ब्रिक्स के आर्थिक एवं व्यापार सहयोग का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने हेतु प्रोत्साहित करते हैं, और ब्रिक्स इंटरबैंक सहयोग तंत्र के सदस्य विकास बैंकों और न्यू डेवलपमेंट बैंक के बीच समझौता ज्ञापन के नवीनीकरण की सराहना करते हैं। हम ब्रिक्स देशों से जुड़े विषयों पर ब्रिक्स देशों के नागरिकों द्वारा उच्च डॉक्टरेट अनुसंधान को प्रोत्साहित और प्रेरित करने के लिए ब्रिक्स आर्थिक अनुसंधान पुरस्कार के सातवें संस्करण का स्वागत करते हैं।

50. हम सतत विकास हेतु रोजगार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं, जिसमें लचीली रिकवरी, लिंग-उत्तरदायी रोजगार एवं श्रमिकों के अधिकारों सहित सामाजिक सुरक्षा नीतियों को सुनिश्चित करने के लिए कौशल विकसित करना शामिल है। हम कोविड-19 संकट के संदर्भ में रोजगार एवं आय समर्थन पर ब्रिक्स नेटवर्क के श्रम अनुसंधान संस्थानों द्वारा किए गए शोध का स्वागत करते हैं, जो महामारी, प्रतिक्रिया तथा कोविड-19 के बाद के बदलाव के प्रभावों को रेखांकित करता है।

51. हम ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हैं और उत्पादन नेटवर्क एवं मूल्य श्रृंखला में उनकी भागीदारी के महत्व की पुष्टि करते हैं। हम ब्रिक्स देशों के बीच प्रतिस्पर्धा पर सहयोग को गहरा करने और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एवं व्यापार सहयोग हेतु एक निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बाजार परिवेश बनाने पर सहमत हैं। हम मानकीकरण के क्षेत्र में आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाने तथा सतत विकास को आगे बढ़ाने हेतु मानकों का पूर्ण उपयोग करने पर सहमत हैं। हम कर सूचना विनिमय, क्षमता निर्माण और कर प्रशासन में नवोन्मेष के क्षेत्रों में सहयोग तथा समन्वय को मजबूत करने, और अन्य विकासशील देशों के लिए 'ब्रिक्स से सर्वोत्तम कर प्रथाएं' नामक एक नवीन ज्ञान उत्पाद बनाने हेतु प्रतिबद्ध हैं। हम आईपीआर सहयोग को सुदृढ़ करने तथा आईपीआर सुरक्षा प्रणाली पर आदान-प्रदान और आपसी अधिगम को बढ़ावा देने का समर्थन करते हैं, और पेटेंट, ट्रेडमार्क व औद्योगिक डिजाइन जैसे क्षेत्रों में अधिक व्यावहारिक परिणाम हासिल करने की आशा करते हैं। हम ब्रिक्स सांख्यिकीय सहयोग को बढ़ाने एवं ब्रिक्स संयुक्त सांख्यिकीय प्रकाशन 2022 को जारी रखने का समर्थन करते हैं।

सतत विकास हेतु 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन को गति देना

52. हम इस तथ्य से अवगत हैं कि कोविड-19 महामारी की वजह से सतत विकास हेतु 2030 एजेंडा को हासिल करने में बाधा आई है और गरीबी, भूख, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ पानी तक पहुंच तथा पर्यावरण संरक्षण पर विगत कई वर्षों में हासिल की गई प्रगति घट गई है। हम 2030 एजेंडा के सभी तीन आयामों - आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय - को संतुलित और एकीकृत तरीके से लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम इस बात पर बल देते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विकास को अधिक महत्व देना चाहिए, वैश्विक विकास भागीदारी को पुनः शुरु करना चाहिए और 2030 एजेंडा को लागू करने में नई गति देने के लिए आवश्यक संसाधनों को एकजुट करके सभी सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने पर जोर देना चाहिए। हम दानकर्ता देशों से आग्रह करते हैं कि वे अपनी आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) प्रतिबद्धताओं का सम्मान करें एवं प्राप्तकर्ता देशों की राष्ट्रीय नीति के अनुरूप विकासशील देशों को अतिरिक्त विकास संसाधनों के साथ क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करें। हम ब्रिक्स देशों की संबंधित विकास एजेंसियों के बीच चर्चा के महत्व पर बल देते हैं।

53. हम जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) की 30वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और और सभी दलों से विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों के आलोक में तथा राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान की संस्थागत व्यवस्था के अनुसार, सामान्य लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं के सिद्धांत का पालन करने और मौजूदा आम सहमति के आधार पर यूएनएफसीसीसी तथा उसके पेरिस समझौते को सटीक, संतुलित व व्यापक तरीके से लागू करने का आह्वान करते हैं। हम पेरिस समझौते के प्रासंगिक प्रावधानों का उल्लेख करते हैं, इस बात पर बल देते हुए कि पेरिस समझौते का उद्देश्य सतत विकास और गरीबी उन्मूलन के प्रयासों के संदर्भ में जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने हेतु वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत करना है, तथा ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन के चरम पर पहुंचने में विकासशील देशों को अधिक समय लगेगा। हम इस बात को रेखांकित करते हैं कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन की विकसित देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारियां हैं, और उन्हें शमन कार्यों को बढ़ाने तथा वित्त, प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण पर विकासशील देशों को अपरिहार्य समर्थन देने में आगे आना चाहिए। हम सीओपी27 की आगामी मिस्र की अध्यक्षता को अपना समर्थन व्यक्त करते हैं, और हम सीओपी27 की सफलता की दिशा में काम कर रहे हैं, तथा सीओपी27 को कार्यान्वयन को प्राथमिकता देने हेतु बढ़ावा देते हैं और विकासशील देशों को वित्तीय सहायता और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रदान करने हेतु विकसित देशों की प्रतिबद्धताओं के अनुकूलन और वितरण तथा संवर्धन के सुदृढीकरण को उजागर करते हैं।

54. हम ग्रीन ट्रेड संबंधी बाधाओं का विरोध करते हैं और इन मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम इस बात को रेखांकित करते हैं कि जलवायु परिवर्तन एवं जैव-विविधता के नुकसान से निपटने हेतु किए गए सभी उपायों को विश्व व्यापार संगठन समझौतों के अनुरूप डिजाइन, अपनाया एवं कार्यान्वित किया जाना चाहिए और यह मनमाने या अनुचित भेदभाव या अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर किसी प्रच्छन्न प्रतिबंध का साधन नहीं बनना चाहिए और इससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में अनावश्यक बाधाएँ पैदा नहीं होनी चाहिए। हम ऐसे किसी भी भेदभावपूर्ण उपाय पर अपनी चिंता व्यक्त करते हैं जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बाधित करेगा, नए व्यापार संघर्षों के जोखिम लाएगा और अन्य व्यापारिक भागीदारों, विकासशील देशों तथा ब्रिक्स सदस्यों पर जलवायु परिवर्तन से निपटने का बोझ स्थानांतरित करेगा।

55. हम जैव विविधता सम्मेलन तथा इसकी कुनमिंग घोषणा के पक्षकारों के सम्मेलन (सीओपी15) की 15वीं बैठक के पहले चरण के सकारात्मक परिणामों को स्वीकार करते हैं। हम सीओपी15 के दूसरे चरण की चीन की मेजबानी का स्वागत तथा समर्थन करते हैं और सभी पक्षों से एक महत्वाकांक्षी, संतुलित व व्यावहारिक 2020 के बाद के वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क को संयुक्त रूप से अपनाने का आह्वान करते हैं।

56. चूंकि ब्रिक्स देश दुनिया के लगभग 1/3 भोजन का उत्पादन करते हैं, हम ब्रिक्स देशों एवं दुनिया की खाद्य सुरक्षा के उद्देश्य से ब्रिक्स देशों के बीच कृषि सहयोग को आगे बढ़ाने और स्थायी कृषि एवं ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर बल देते हैं। हम वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में अन्य बातों के साथ-साथ उर्वरकों सहित कृषि आदानों के रणनीतिक महत्व पर बल देते हैं। हम ब्रिक्स देशों के कृषि सहयोग हेतु कार्य योजना 2021-2024 को लागू करने के महत्व को दोहराते हैं और ब्रिक्स देशों के खाद्य सुरक्षा सहयोग पर रणनीति का स्वागत करते हैं।

57. हमें ज्ञात है कि डिजिटल तकनीक अनुप्रयोगों में बिग डेटा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी सफलताएं सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हम सतत विकास हेतु बिग डेटा पर ब्रिक्स फोरम का उल्लेख करते हैं। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सूचना के आदान-प्रदान और तकनीकी सहयोग का समर्थन करते हैं। हम 7वीं ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक की घोषणा का स्मरण करते हैं, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के तीव्र विकास एवं विशाल क्षमता और आर्थिक विकास हेतु इसके महत्व को मान्यता दी गई है। हम विश्वसनीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने में विश्वास और सुरक्षा के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही बनाने हेतु एक-दूसरे के साथ सहयोग करने की आवश्यकता को स्वीकार करते हैं ताकि आबादी के हाशिए पर तथा कमजोर समूहों पर विशेष बल देते हुए समाज और मानवता के लाभ हेतु इसकी क्षमता बढ़ाई जा सके। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित जोखिम तथा नैतिक दुविधा जैसे गोपनीयता, हेरफेर, पूर्वाग्रह, ह्यूमन-रोबोट इंटरैक्शन, रोजगार, प्रभाव और विलक्षणता आदि पर चिंता व्यक्त करते हैं। हम ब्रिक्स सदस्यों को इस तरह की चिंताओं से निपटने हेतु एक साथ काम करने, अपनी सर्वोत्तम विधियों को साझा करने, एक सामान्य प्रशासनिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में इस विषय पर तुलनात्मक अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जो एआई के विकास को सुविधाजनक बनाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर ब्रिक्स सदस्यों का मार्गदर्शन करेगा।

58. हम ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कान्स्टलैशन पर सहयोग समझौते के अनुसार अंतरिक्ष सहयोग पर ब्रिक्स संयुक्त समिति की स्थापना और पहली संयुक्त समिति की बैठक के आयोजन का स्वागत करते हैं। हम डेटा विनिमय हेतु कार्य प्रक्रियाओं के सृजन एवं ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कान्स्टलैशन के संयुक्त अवलोकन से संतुष्ट हैं और डेटा साझाकरण तथा कान्स्टलैशन के आदान-प्रदान की सराहना करते हैं। हम ब्रिक्स अंतरिक्ष प्राधिकरणों को कान्स्टलैशन की क्षमता का प्रभावी ढंग से उपयोग जारी रखने, और ब्रिक्स देशों के सतत विकास हेतु कान्स्टलैशन के डेटा के साथ इसके अनुप्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

59. हम सतत विकास पर ब्रिक्स उच्च स्तरीय फोरम आयोजित करने के प्रस्ताव की सराहना करते हैं। इसे हम अन्य बातों के साथ-साथ, कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई, डिजिटल परिवर्तन, औद्योगिक एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं का लचीलापन एवं स्थिरता और कम कार्बन विस्तार पर सहयोग को गहरा करने का एक अवसर मानते हैं।

60. हम ब्रिक्स आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के बीच आदान-प्रदान और संवाद के महत्व को दोहराते हैं। हम वैश्विक तथा क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रतिक्रिया में सुधार की दृष्टि से व्यापक आपदा न्यूनीकरण क्षमता, आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे और आपातकालीन बचाव एवं प्रतिक्रिया सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करते हैं।

61. हम अफ्रीकी संघ एजेंडा 2063 और अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र एवं अन्य माध्यमों के विकास के ज़रिए एकीकरण की दिशा में अफ्रीका के प्रयासों पर अपना समर्थन व्यक्त करते हैं। हम अफ्रीका के सतत विकास हेतु औद्योगीकरण, अवसंरचा के विकास, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और जलवायु परिवर्तन से निपटने सहित मुद्दों के महत्व पर बल देते हैं। हम महामारी के बाद आर्थिक सुधार तथा सतत विकास हासिल करने में अफ्रीका का समर्थन करते हैं।

लोगों-से-लोगों के जुड़ाव को बढ़ाना

62. हम अपने देशों तथा लोगों के बीच आपसी समझ, दोस्ती और सहयोग बढ़ाने में ब्रिक्स लोगों-से-लोगों के बीच आदान-प्रदान के महत्व को दोहराते हैं। हम 2022 में चीन की अध्यक्षता में हुई प्रगति की सराहना करते हैं, जिसमें प्रशासन, संस्कृति, शिक्षा, खेल, कला, फिल्म, मीडिया, युवा और शैक्षिक आदान-प्रदान के क्षेत्र शामिल हैं, तथा इन क्षेत्रों में आगे भी आदान-प्रदान और सहयोग की आशा करते हैं।

63. हम संस्कृति के क्षेत्र (2022-2026) में सहयोग पर ब्रिक्स देशों की सरकारों के बीच समझौते के कार्यान्वयन हेतु कार्य योजना पर हस्ताक्षर करने की सराहना करते हैं, ब्रिक्स देशों को संस्कृति के क्षेत्र में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने, और अन्य बातों के साथ-साथ, कला व संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, सांस्कृतिक उद्योग एवं सांस्कृतिक गठबंधनों के क्षेत्र में कार्य योजना के ढांचे के तहत सहयोग बढ़ाना जारी रखने, तथा एक सांस्कृतिक साझेदारी तय करने हेतु प्रोत्साहित करते हैं, जिसमें समावेशिता और पारस्परिक शिक्षा शामिल है।

64. हम पर्यटन उद्योग की रिकवरी की तत्काल आवश्यकता एवं पारस्परिक रूप से पर्यटकों के आवागमन को बढ़ाने के महत्व को स्वीकार करते हैं और इससे जुड़े उपायों को बढ़ावा देने हेतु ब्रिक्स एलायंस फॉर ग्रीन टूरिज्म को और मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे, जो अधिक लचीला, टिकाऊ और समावेशी पर्यटन क्षेत्र को आकार दे सकता है।

65. हम शिक्षा व तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) सहयोग पर हुई प्रगति की सराहना करते हैं, विशेषतः ब्रिक्स टीवीईटी सहयोग गठबंधन की स्थापना की, जो टीवीईटी में संचार व संवाद को मजबूत करने, टीवीईटी में ठोस सहयोग को बढ़ावा देने, टीवीईटी को उद्योग के साथ एकीकृत करने, अनुसंधान सहयोग बढ़ाने और टीवीईटी मानकों की मान्यता का समर्थन करने पर केंद्रित है। साथ ही, ब्रिक्स कौशल प्रतियोगिता के शुभारंभ से देशों के बीच आदान-प्रदान और सहयोग मजबूत होगा। हम शिक्षा और टीवीईटी क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन का समर्थन करते हैं, तथा शिक्षा की पहुंच व समानता सुनिश्चित करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विकास को बढ़ावा देने हेतु प्रतिबद्ध हैं। हम ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी और ब्रिक्स यूनिवर्सिटी लीग के भीतर सहयोग को मजबूत करके शिक्षा तथा सतत शिक्षा के विकास में डिजिटलीकरण के महत्व को दोहराते हैं।

66. हम ब्रिक्स व्यापार मंच के सफल आयोजन की सराहना करते हैं और ब्रिक्स व्यापार समुदाय की बीजिंग पहल का स्वागत करते हैं। हम ब्रिक्स व्यापार परिषद को सहयोग को मजबूत करने हेतु प्रोत्साहित करते हैं, जिसमें कृषि-व्यवसाय, विमानन, विनियमन, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और हरित अर्थव्यवस्था, वित्तीय सेवाओं, बुनियादी ढांचे, विनिर्माण व कौशल विकास के क्षेत्र शामिल हैं। हम ब्रिक्स आर्थिक एवं व्यापार सहयोग को गहरा करने के लिए ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन (डब्ल्यूबीए) के योगदान और गतिविधियों की सराहना करते हैं। हम महिलाओं के नवोन्मेष एवं उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन द्वारा दूसरी ब्रिक्स महिला नवाचार प्रतियोगिता आयोजित करने का स्वागत करते हैं।

67. हम खेल के आदान-प्रदान में हुई प्रगति और हमारे एथलीटों के विकास में इसकी निष्पक्ष, समावेशी तथा गैर-भेदभावपूर्ण भूमिका की सराहना करते हैं। हम 2022 में ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक के सफल आयोजन की आशा करते हैं।

68. हम राजनीतिक दलों, थिंक टैंकों तथा नागरिक समाज संगठनों से संबंधित मंचों के आयोजन की सराहना करते हैं। हम ब्रिक्स नागरिक समाज संगठन फोरम के संस्थानीकरण के प्रस्ताव को भी स्वीकार करते हैं।

69. हम पांचवें ब्रिक्स मीडिया फोरम के आयोजन और फोरम के अंतर्गत ब्रिक्स अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यक्रम को जारी रखने का समर्थन करते हैं।

70. हम ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन को लेकर तत्पर हैं, युवाओं के विकास का प्राथमिकता के रूप में समर्थन करते हैं और ब्रिक्स देशों के युवाओं के बीच मजबूत आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करते हैं। हम शंघाई में ब्रिक्स फिल्म महोत्सव का स्वागत करते हैं और फिल्म के क्षेत्र में आदान-प्रदान तथा सहयोग बढ़ाने को लेकर तत्पर हैं। हम शहरी विकास को बढ़ावा देने में ब्रिक्स देशों द्वारा की गई प्रगति की सराहना करते हैं, और ब्रिक्स देशों के बीच अधिक मैत्रीपूर्ण शहरी संबंध बनाने तथा सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स शहरीकरण फोरम, ब्रिक्स मैत्री शहरों और स्थानीय सरकारों के सहयोग फोरम और ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय नगरपालिका फोरम सहित तंत्रों के योगदान की सराहना करते हैं।

संस्थागत विकास

71. हम ब्रिक्स के संस्थागत विकास में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हैं और इस बात पर बल देते हैं कि ब्रिक्स सहयोग में बदलाव को अपनाने तथा समय के साथ तालमेल बनाए रखने की जरूरत है। हम आम सहमति के आधार पर अपने व्यापक सहयोग में स्पष्ट प्राथमिकताएं तय करते रहेंगे और अपनी रणनीतिक साझेदारी को अधिक कुशल, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुखी बनाएंगे।

72. हम ब्रिक्स के अन्य ईएमडीसी को सहयोग देने के प्रयासों पर बल देते हैं और ब्रिक्स आउटरीच एवं ब्रिक्स प्लस सहयोग को बढ़ावा देने हेतु ब्रिक्स शेरपाओं द्वारा 2021 में समावेशी एवं समान व लचीले उपायों और पहलों के ज़रिए अपनाए गए नए विचारार्थ विषयों समर्थन करते हैं। हम 19 मई 2022 को ब्रिक्स विदेश मामलों/अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के मंत्रियों की बैठक के दौरान 'वैश्विक प्रशासन में उभरते बाजारों और विकासशील देशों की बढ़ती भूमिका' विषय के तहत वार्ता सत्र की मेजबानी हेतु चीन की अध्यक्षता की सराहना करते हैं।

73. हम ब्रिक्स के सदस्यों के बीच ब्रिक्स विस्तार प्रक्रिया पर चर्चा को बढ़ावा देने का समर्थन करते हैं। हम पूर्ण परामर्श तथा आम सहमति के ज़रिए शेरपा चैनल के माध्यम से इस विस्तार प्रक्रिया हेतु मार्गदर्शक सिद्धांतों, मानकों, मानदंडों और प्रक्रियाओं को स्पष्ट करने की आवश्यकता पर बल देते हैं।

74. दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, रूस और भारत ने 2022 में चीन की ब्रिक्स अध्यक्षता की सराहना की तथा 14वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित करने हेतु चीन की सरकार तथा वहां के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

75. ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने 2023 में ब्रिक्स की अध्यक्षता तथा 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन हेतु दक्षिण अफ्रीका को अपना पूर्ण समर्थन दिया।

नई दिल्ली
जून, 23 2022

 

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